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नीट परीक्षा रद्द होेने पर विपक्ष का हल्लाबोल, नजीर बने नकल माफियाओं पर कार्रवाई की मांग

लखनऊ। करीब दो साल बाद पुनः नीट परीक्षा 2026 रद्द होेने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला है। समूचे विपक्ष ने इस परीक्षा की सीबीआई से जांच कराने एवं नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग किया है। इनका आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के तार कहीं न कहीं भाजपा से जुड़े हैं इसीलिए उन्हे बार बार बचाने का प्रयास किया जाता है। 

नीट परीक्षा को लेकर सपा के महासचिव एवं पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा कि भाजपा से जुडे शिक्षा माफिया के साथ मिलकर देश के नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि नीट परीक्षा का पेपर पहली बार लीक नहीं हुआ है, इससे पहले वर्ष 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और अब 3 मई को हुई परीक्षा में 180 में से 135 सवाल लीक होने का मामला सामने आया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग शिक्षा माफिया के पूरे गिरोह को संरक्षण दे रहे हैं,। इसी वजह से बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और लाखों छात्र-छात्राओं तथा उनके परिवारों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। इससे करीब 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव त्यागी ने बताया कि नीट अब परीक्षा नहीं, बल्कि “नीलामी” बन गई है। परीक्षा से 42 घंटे पहले ही व्हाट्सएप पर सवाल बेचे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि दस सालों में 89 परीक्षाआंे के पेपर लीक हुए और 48 के दोबारा पेपर कराये गए। इस नीट परीक्षा के रद्द होने से करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत एक रात में बर्बाद हो गई। केन्द्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि लोग बेरोजगार रहे और पांच किलो अनाज के लिए लाइन में लगाते रहे।

आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी एवं लाखों नौजवान दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भाजपा सरकार और उसके संरक्षण में पल रहे शिक्षा माफिया उनके सपनों को कुचलने का काम कर रहे हैं।  आखिर यह पता लगाया जाना चाहिए कि पेपर लीक कराने वाले लोग कौन हैं, किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है । इस बार नीट परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। अगर उनके परिवारों को भी जोड़ लिया जाए तो करोड़ों लोग इस पेपर लीक कांड से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ छात्र कठिन परिस्थितियों में रहकर पढ़ाई करते हैं, माता-पिता अपनी जमा पूंजी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्ट तंत्र की वजह से उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है। यह केवल पेपर लीक नहीं बल्कि देश के नौजवानों के साथ खुला विश्वासघात है।

खास बात यह है कि भाजपा सरकार के सहयोग रालोद महासचिव मंयक त्रिवेदी ने भी इस पराीक्षा को लेकर केन्द्र सरकार पर कई सवाल खडे करते हुए इस पूरी परीक्षा की सीबीआई से जांच कराने का स्वागत किया  है। वहीं इस परीक्षा में षामिल छात्रो एवं उनके अभिवावकों ने भी बार बार नीट परीक्षा रद्द किये नकल माफियाओं के बढते रैकेट पर कडी कार्रवाई करने की मांग किया है। साथ ही 180 में 125 प्रष्नों का पूरे देष में वायरल होने पर चिंता जतायी और जल्द पुनः परीक्षा कराने एवं फीस माफ करने की मांग की है।

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