सिद्धार्थनगर के खेसरहा विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत पेंडारी बुजुर्ग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित आरआरसी (कचरा संग्रह) सेंटर निष्क्रिय पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से बने इस केंद्र में आज तक एक भी ट्रॉली कचरा नहीं पहुंचा है, जिससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा गांवों को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसे केंद्र स्थापित किए गए थे। इनका मकसद गांवों से निकलने वाले कचरे को एक जगह इकट्ठा कर उसका उचित निस्तारण करना था। हालांकि, पेंडारी बुजुर्ग का आरआरसी सेंटर अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केंद्र केवल दिखावा बनकर रह गया है। निर्माण पूरा होने के बावजूद गांव का कचरा अभी भी सड़कों, खाली स्थानों और नालियों के किनारे फेंका जा रहा है। इससे स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल उठ रहे हैं और ग्रामीण गंदगी से परेशान हैं। गांव निवासी अशोक ने कहा कि सरकार ने स्वच्छता के लिए अच्छी योजना बनाई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। अजय ने बताया कि आरआरसी सेंटर बनने के बाद कचरा प्रबंधन बेहतर होने की उम्मीद थी, पर इसका उपयोग शुरू नहीं हो सका। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल पांडे ने बताया कि आरआरसी सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। संबंधित कर्मचारियों को केंद्र का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरआरसी सेंटर की मौजूदा स्थिति की जांच कराने और इसे जल्द से जल्द क्रियाशील बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे स्वच्छ भारत मिशन की मंशा के अनुरूप गांव में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
पेंडारी बुजुर्ग आरआरसी सेंटर में नहीं पहुंचा कचरा:लाखों खर्च के बाद भी अनुपयोगी, स्वच्छता अभियान पर सवाल
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