चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार गठन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। आरोप-प्रत्यारोप, समर्थन जुटाने की कवायद, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त और फर्जी समर्थन पत्रों के आरोपों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है। मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते संवैधानिक संकट और राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की चचार्एं भी तेज हो गई हैं।
23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कजगम (टीवीके) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि बहुमत के लिए उसे अभी और समर्थन की जरूरत है। डीएमके गठबंधन को 73 सीटें और एआईएडीएमके गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं। सरकार बनाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, वीसीके, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा से समर्थन मांगा। कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद पार्टी का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया, जबकि बाद में भाकपा और माकपा ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने की घोषणा कर दी। इसके बाद टीवीके ने 117 विधायकों के समर्थन का दावा किया।
राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया जब एएमएमके महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन ने टीवीके पर फर्जी समर्थन पत्र पेश करने का आरोप लगाया। दिनाकरन ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक एस. कामराज का समर्थन पत्र गलत तरीके से राज्यपाल को भेजा गया। उन्होंने साफ किया कि एएमएमके एनडीए के साथ है और टीवीके को कोई समर्थन नहीं दिया गया है। उन्होंने टीवीके पर विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
विवाद के बाद दिनाकरन गुइंडी थाने पहुंचे और विजय तथा टीवीके नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बाद में उन्होंने विधायक कामराज को साथ लेकर राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को एआईएडीएमके समर्थन वाला पत्र सौंपा। दूसरी ओर टीवीके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कामराज का वीडियो जारी किया, जिसमें वह स्वेच्छा से समर्थन देने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच एआईएडीएमके महासचिव एदप्पाड़ी के. पलानीस्वामी ने चेन्नई स्थित अपने आवास पर पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर राजनीतिक हालात और संभावित रणनीति पर चर्चा की। पार्टी नेतृत्व ने विधायकों को एकजुट रहने और किसी भी परिस्थिति में संयम बनाए रखने का संदेश दिया। राजनीतिक अस्थिरता के बीच एआईएडीएमके विधायकों को पिछले दो दिनों से पुडुचेरी के एक निजी होटल में ठहराया गया था।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्पष्ट कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी दल को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा। ऐसे में तमिलनाडु की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।












