HomeHealth & Fitnessशराब घोटाले मामले में रामगोपाल अग्रवाल अब ED की हिरासत में

शराब घोटाले मामले में रामगोपाल अग्रवाल अब ED की हिरासत में

  • रायपुर की विशेष अदालत में पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित 3200 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को आज (मंगलवार) गिरफ्तार कर लिया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की है।

ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ करने के बाद यह कार्रवाई की है। इससे पहले, छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने उन्हें इसी मामले में जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुए इस कथित 3200 करोड़ रुपये के घोटाले में सिंडिकेट और मनी लांड्रिंग की जांच की जा रही है। इससे पहले 5 अगस्त 2026 को हुई पेशी के दौरान कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्हें कोल लेवी मामले में 14 अगस्त तक और शराब घोटाला मामले में 19 अगस्त तक ज्यूडिशियल रिमांड (न्यायिक हिरासत) पर जेल भेजा गया था। चूंकि वह पहले से जेल में थे, इसलिए ईडी ने आज जेल के भीतर ही कागजी कार्रवाई पूरी कर उन्हें गिरफ्तार किया।

ईडी ने उन्हें प्रोडक्शन वारंट के आधार पर जेल से रायपुर की विशेष अदालत (पीएमएलए) में पेश किया है। अदालत के सूत्रों के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों और वकीलों ने अदालत से रामगोपाल अग्रवाल की 7 दिनों की कस्टोडियल रिमांड मांगी है।

ईडी की जांच के अनुसार यह कथित घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस अवधि में एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता थी। इस पूरे खेल में आबकारी व्यवस्था को नियंत्रित कर सरकारी खजाने को लगभग 3200 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया गया।

इस बहुचर्चित मामले में जांच का दायरा बड़ा है, जिसमें अब तक छह आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और कुल 81 आरोपितों के नाम सामने आए हैं। जांच के दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास, तत्कालीन संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments