सिद्धार्थनगर की अदालतों ने दो अलग-अलग मामलों में सख्त फैसला सुनाया है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 7 साल के कठोर कारावास और 20,000 के अर्थदंड की सजा दी गई, वहीं एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी को 10 माह का सश्रम कारावास मिला है। अपर जिला एवं सत्र/पॉक्सो न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार की अदालत ने शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में यह फैसला सुनाया। वर्ष 2016 के इस मामले में अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया। जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र से संबंधित एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट धम्म कुमार सिद्धार्थ ने आरोपी को 10 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में भी जांच से लेकर ट्रायल तक साक्ष्यों की कड़ी को मजबूत बनाए रखा गया था। इन दोनों मामलों में पुलिस और अभियोजन पक्ष के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। केस डायरी की सटीक तैयारी, गवाहों की समय पर उपस्थिति और साक्ष्यों की व्यवस्थित प्रस्तुति ने अदालती कार्यवाही को मजबूत आधार प्रदान किया। जिला मॉनिटरिंग टीम और संबंधित थानों की सक्रियता भी इन फैसलों में महत्वपूर्ण रही। इन फैसलों को लंबित मामलों के त्वरित निपटान और दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगातार आ रहे ऐसे निर्णयों से जिले में अपराधियों के बीच कानून का डर बढ़ रहा है, वहीं पीड़ितों में न्याय व्यवस्था के प्रति भरोसा भी मजबूत हो रहा है।
सिद्धार्थनगर में दुष्कर्म के दोषी को 7 साल की सजा:कोर्ट ने 20 हजार का लगाया जुर्माना, 10 साल बाद आया फैसला
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