श्रावस्ती में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर जनपद की सभी बाढ़ चौकियों पर राहत चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों का उद्देश्य ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव, प्रशासनिक तैयारियों और ‘क्या करें-क्या न करें’ संबंधी विस्तृत जानकारी देना है। इसी कड़ी में, सोमवार को लगभग 4:00 बजे तहसील इकौना क्षेत्र की सेहनिया, हसनाभारी, सेमगढ़ा, ब्लॉक मुख्यालय, जूहा सेमरी तरहर, भोजपुर, खरगौरा बस्ती और सोनवा स्थित बाढ़ चौकियों पर राहत चौपालें आयोजित की गईं। हसनाभारी बाढ़ चौकी पर एसडीआरएफ के जवानों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित रहने, राहत-बचाव उपकरणों के उपयोग और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त करने के उपायों के बारे में बताया। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि तहसील भिनगा और इकौना में आयोजित राहत चौपालों से स्थानीय स्तर पर उपयोगी सुझाव मिले हैं। इन चौपालों से ग्रामीणों में बाढ़ आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और बाढ़ ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी सप्ताहों में बाढ़ चौकियों से जुड़े अति संवेदनशील गांवों में भी राहत चौपालों का आयोजन किया जाएगा, ताकि आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत किया जा सके। इन राहत चौपालों में स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं और पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, तहसील जमुनहा की बाढ़ चौकियों पर राहत चौपाल का आयोजन 30 जून को किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले तहसील भिनगा क्षेत्र की भंगहा, बनघुसरा, रामपुर ककरा, गोठवा और पटना खरगौरा स्थित बाढ़ चौकियों पर भी राहत चौपालें आयोजित की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बाढ़ आने से पहले ही लोगों को जागरूक कर किसी भी आपदा से प्रभावी और सुनियोजित ढंग से निपटना है।
श्रावस्ती में बाढ़ चौकियों पर राहत चौपाल:ग्रामीणों को बचाव के उपाय और प्रशासनिक तैयारियों की दी जानकारी
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