लखनऊ। बिहार कैडर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राम यश सिंह का 83 वर्ष की आयु में 27 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। वे 1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे और अपने अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ तथा सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।
अपने लंबे सेवा काल के दौरान उन्होंने बिहार और तत्कालीन झारखंड क्षेत्रों के कई महत्वपूर्ण जिलों—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, जहानाबाद और गोड्डा—में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी बहादुरी और साहसिक कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
बाद में उन्होंने बिहार पुलिस में उप महानिरीक्षक (डीआईजी – इंटेलिजेंस) के पद तक अपनी सेवाएं दीं और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई संवेदनशील जिम्मेदारियों को संभाला और एक निष्पक्ष, सख्त और पेशेवर अधिकारी की छवि बनाई।
वे उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक (क़ानून एवं व्यवस्था/स्पेशल टास्क फोर्स) के पूज्य पिता थे और उनकी धर्मपत्नी गीता सिंह हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने जनसेवा को जारी रखा और पटना उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य करते हुए आम लोगों की सहायता करते रहे।
उनका जीवन अनुशासन, सादगी और सेवा भावना का उदाहरण माना जाता है। उनके निधन से पुलिस और न्यायिक क्षेत्र में गहरा शोक है।ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस अपार क्षति को सहने की शक्ति दें।












