पटना । नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे यह साफ हो गया कि अब सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं। इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की।
शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित सम्राट चौधरी के नाम पर स्वीकृति दी। इसके बाद सर्वसम्मति सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल के नेता के रूप में चुन लिया गया। सम्राट सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक दल की इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आए थे। इनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष, विनोद तावड़े जैसे नेता भी मौजूद रहे। अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।
कौन हैं सम्राट चौधरी
बिहार विधान परिषद में सम्राट चौधरी प्रतिपक्ष के नेता रह चुके हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत आरजेडी से हुई है। सम्राट साल 1990 में सक्रिय राजनीति में आए। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बेदखल होने के बाद भी वे काफी समय तक पार्टी के साथ बने रहे। वर्ष 2000 और 2010 में वो परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2018 में वे आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में रहते हुए पिछले साल (2025) तारापुर सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी। आरजेडी में रहने के बाद, 2014 में वे जेडीयू में आए और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) बने। एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. अब वे बिहार के नए सीएम बनेंगे।












