श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समयबद्ध, तथ्यपरक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिफाल्टर शिकायतों की आख्या तत्काल अपलोड करने पर भी जोर दिया। समीक्षा के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) इकौना द्वारा हस्तलिखित और असंतोषजनक आख्या अपलोड करने तथा लंबित प्रकरणों की अधिक संख्या पाई गई। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने अग्रिम आदेश तक सीडीपीओ इकौना का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस संदर्भों का निस्तारण जनपद की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सभी विभागाध्यक्षों को तथ्यों और स्थलीय जांच के आधार पर प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा प्रतिदिन की जाए और अंतिम तिथि वाले प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। गलत या तथ्यहीन आख्या भेजने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने निर्देशित किया कि केवल औपचारिक आख्या अपलोड न की जाए, बल्कि “संतुष्टिपरक निस्तारण” सुनिश्चित किया जाए। सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर वास्तविक समाधान कराने के लिए कहा गया। संवेदनशील और बार-बार संदर्भित प्रकरणों की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा आयोग/आयुक्त कार्यालय से प्राप्त संदर्भों पर विशेष प्राथमिकता के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। निस्तारण आख्या में स्पष्ट तथ्य, की गई कार्यवाही, स्पॉट मेमो और उपलब्ध साक्ष्य अनिवार्य रूप से संलग्न करने पर भी बल दिया गया।
श्रावस्ती डीएम ने आईजीआरएस समीक्षा की, सीडीपीओ का वेतन रोका:लंबित प्रकरणों पर कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए
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