सिद्धार्थनगर डीएम ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की। डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने 30 अप्रैल को नगर पंचायत उसका बाजार स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। इस अचानक निरीक्षण से केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों में हलचल मच गई। वहीं किसानों ने भी अपनी समस्याएं सीधे डीएम के समक्ष रखीं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम किसानों के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। इसके बाद उन्होंने तौल प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया और ई-तौल मशीनों की कार्यप्रणाली की जांच की। डीएम ने तौल में पूरी पारदर्शिता बरतने और किसी भी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। भुगतान प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देते हुए डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के खाते में निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान हर हाल में किया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी किसानों के प्रति अन्याय है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अभिलेखों के संधारण की भी गहन जांच की गई। जिलाधिकारी ने रजिस्टर, खरीद विवरण और स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कराया और सभी अभिलेखों को अद्यतन तथा व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। डीएम ने केंद्र पर मूलभूत सुविधाओं जैसे साफ-सफाई, पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे किए जाएं। गेहूं के भंडारण और उठान को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीदे गए गेहूं का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए और समय पर उसका उठान कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रों पर अनावश्यक दबाव न बने और खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे।
सिद्धार्थनगर डीएम ने गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया:व्यवस्थाओं की परखी हकीकत, भुगतान में देरी पर सख्त चेतावनी
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