बहराइच में मोतीपुर तहसील क्षेत्र की करीब 6 लाख आबादी के लिए एकमात्र सहारा बने सीएचसी में मंगलवार की सुबह 9 बजे तक एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। जबकि पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। तेज धूप और उमस के बीच मरीज इलाज के इंतजार में परेशान दिखे। सुबह करीब 8:20 बजे अधीक्षक कक्ष भी खाली था। वहीं 8:32 बजे से ही मरीज पर्ची बनवाने के लिए लाइन में खड़े हो गए। लेकिन OPD में कोई MBBS डॉक्टर 9 बजे तक नहीं पहुंचा। मरीज रामसहाय, सुनीता और बुजुर्ग मातादीन समेत कई लोग टीनशेड के नीचे डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। इनका आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर रोज देर से पहुंचते हैं और इमरजेंसी में फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय ही प्राथमिक उपचार करते हैं। देखें 2 तस्वीरें… स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के सभी पद खाली मिहींपुरवा तहसील के मोतीपुर, सुजौली, कटघर, मटेही, बर्दिया समेत 100 से अधिक गांवों के लोग इलाज के लिए इसी सीएचसी पर निर्भर हैं। अस्पताल में 5 MBBS डॉक्टर, एक बाल रोग स्पेशलिस्ट और एक महिला रोग स्पेशलिस्ट का पद है, लेकिन वर्तमान में केवल दो MBBS डॉक्टर ही तैनात हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के सभी पद खाली पड़े हैं। अस्पताल में रोजाना 200 से 300 मरीज पहुंचते हैं, जबकि गर्मी के दिनों में यह संख्या 400 के पार पहुंच जाती है। सीएचसी में आए मरीजों ने सुनाया अपना दुखड़ा बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर पहुंची रेशमा ने बताया, “सुबह 8 बजे से लाइन में खड़ी हूं, लेकिन डॉक्टर का कोई पता नहीं है।” वहीं, बुजुर्ग जगदीश ने कहा, “पर्ची तो मिल जाती है, लेकिन डॉक्टर न होने से मजबूरी में झोलाछापों का सहारा लेना पड़ता है।” वहीं, एक स्वास्थ्यकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉक्टर बहराइच से आते हैं, इसलिए अक्सर देर हो जाती है। अस्पताल में स्टाफ की भी भारी कमी है। एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है और लैब में पैथोलॉजिस्ट तक नहीं है। वहीं, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने कहा- मामले का संज्ञान लिया गया है। अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है और डॉक्टरों की बायोमीट्रिक उपस्थिति की जांच कराई जाएगी।
‘पर्ची तो मिल जाती है, लेकिन डॉक्टर साहब नहीं मिलते’:मोतीपुर सीएचसी में सभी स्पेशलिस्ट के पद खाली, दो MBBS डॉक्टरों की चल रही मनमानी
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












