नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
याचिका कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकेन ड्राइविंग नामक संगठन ने दायर की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विपिन नायर ने कहा कि टेट्रा पैक में ये कंफ्यूजन हो रहा है कि वो जूस है या शराब। टेट्रा पैक में सेव की फोटो दिखाई जाती है और पैकेट में वोदका शराब होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आबकारी नीति में बोतल की परिभाषा भ्रमपूर्ण है इसलिए इसकी परिभाषा स्पष्ट होनी चाहिए। याचिका में मांग की गई है कि केंद्र सरकार इस मामले पर यूनिफॉर्म नीति बनाए और राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तत्काल शराब को टेट्रा पैक में बेचने से रोकें। राज्य सरकारें अपनी आबकारी नीति में बदलाव करें।
इसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 16 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे संबंधित अधिकारियों को याचिका की प्रति प्रतिवेदन के रुप में दें। याचिका में टेट्रा पैक में शराब की बिक्री की अनुमति पर सवाल खड़े किए गए हैं। टेट्रा पैक में शराब उपलब्ध होने से बच्चों और छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इन छोटे पैक्स को आसानी से स्कूल या कॉलेज में ले जा सकते हैं।












