लखनऊ। बुधवार 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थी दो अलग-अलग हिस्सों में बंट गए। एक समूह ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास भीख मांगकर विरोध किया। तो वहीं दूसरे समूह ने विधान भवन का घेराव किया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों और सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी के कारण उन्हें वर्षों से नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। इस दौरान करीब आधे घंटे तक अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। महिला अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। चूड़ियां तोड़ दी गई और कपड़े तक फाड़े गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया, जहां कुछ अभ्यर्थी ठेला लगाने वालों से भीख मांगते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
देवरिया से आए धनंजय गुप्ता ने कहा कि हमने भीख मांग कर ₹470 जमा किया था। सोचा था यही पैसा किराए के लिए काम आएगा और इसी से चाय पानी करेंगे। मगर जब विधानसभा का घेराव करने पहुंचे तो हमारा पैसा पुलिस ने चुरा लिया। स्टेशन पर विकलांगों ने हमें यह पैसा भीख में दिया था। अब हम लोग को फिर से दोबारा भीख मांगना पड़ेगा, तब हम घर पहुंच पाएंगे। अब हम लोगों को कोई लाज शर्म नहीं है। रायबरेली से आए अमित मौर्य ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले से पीड़ित है। पिछले 5 सालों से हम लोग उत्तर प्रदेश की सड़कों पर दर-दर भटक रहे हैं।
प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी सीएम और कोई ऐसा मंत्री नहीं बचा है, जिसके आवास पर जाकर हमने घेराव ना किया हो और मदद ना मांगी हो। मगर किसी ने भी हमारी सहायता नहीं किया। गर्मी बरसात सब हमने यहां बर्दाश्त किया है। लाठी खाया है और प्रदर्शन किया है। हमारी महिला साथियों के कपड़े फाड़े गए उन्हें घसीटा गया मगर किसी ने मंत्री या विधायक ने कोई सुनवाई नहीं की। सुप्रीम कोर्ट में अब तक 30 से ज्यादा डेट लग चुकी है मगर सरकार की तरफ से वकील नहीं पहुंचा।
इसलिए लचर पैरवी की वजह से हम बेरोजगार घूम रहे हैं। हम दलित और पिछड़े हैं इसलिए सरकार हमें न्याय नहीं देना चाहती। हम लोग राज्य पिछड़ा आयोग राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग और हाई कोर्ट से जीत कर आए। यहां यह साबित हुआ कि आरक्षण घोटाला हुआ है मगर उसके बाद भी मैं नौकरी नहीं मिल रही। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प चलती रही। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और कई अभ्यर्थियों को पकड़कर जबरन गाड़ियों में बैठाया।
महिला अभ्यर्थियों को भी महिला पुलिसकर्मियों ने बलपूर्वक हटाया। कुछ को उठाकर (टांग कर) गाड़ियों में बैठाया गया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन ले जाकर छोड़ा गया। कहा कि 5 सालों में सैकड़ो बार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर चुके हैं। हर बार मंत्री आश्वासन देते हैं। बेरोजगार होते हुए भी हम लोग अलग-अलग जनपदों से किराया भाड़ा खर्च करके आते हैं, मगर मायूस होकर वापस जाना पड़ता है। इस बेरोजगारी में हम लोगों के लिए 100 – 200 रुपए भी बड़ी बात है। किस तरह से हम लोग लखनऊ आते हैं यह हम अभ्यर्थी ही जानते हैं।












