श्रावस्ती जिले के नासिरगंज कस्बे में 7 मोहर्रम को जनाब सुज्जन अली के अजाखाने पर एक मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया। इस दौरान अजादारों ने कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मजलिस की शुरुआत शाहरुख हैदर, आकिल रिजवी और रेहान हुसैन द्वारा मर्सिया पढ़कर हुई। इसमें इमाम हुसैन के 6 माह के बेटे जनाबे अली असगर के मासायब पढ़े गए। इसके बाद, मौलाना जनाब शेख रईस अब्बास साहब ने जनाबे कासिम के मासायब का पाठ किया। तत्पश्चात, नौहाख्वानों ने हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के अन्य शहीदों की याद में नौहे पढ़े। नौहाख्वानी के दौरान अजादारों ने मातम किया और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत और उनके इंसानियत व हक के संदेश पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कर्बला की जंग को जुल्म के खिलाफ सब्र और सच्चाई की जीत का प्रतीक बताया। मजलिस के समापन के बाद, अजाखाने के मेजबान सुज्जन अली ने उपस्थित सभी अजादारों को तबर्रक (प्रसाद) वितरित किया।
नासिरगंज में 7 मोहर्रम पर मजलिस-ए-अजा:जनाब सुज्जन अली के अज़ाखाने पर शहीदों को श्रद्धांजलि
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












