कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच नंदीग्राम में केंद्रीय बल सीआरपीएफ पर ग्रामीणों के साथ मारपीट और भय पैदा करने का आरोप लगा है।
तृणमूल कांग्रेस ने तस्वीरों के साथ चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सीआरपीएफ भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रही है और केंद्रीय बल का राजनीतिक हित में इस्तेमाल किया जा रहा है।
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में कई जगह तनाव की घटनाएं सामने आईं। खास तौर पर कंचनपुर इलाके में कुछ ग्रामीणों ने केंद्रीय बल के जवानों पर मारपीट का आरोप लगाया। इसके विरोध में स्थानीय महिलाओं ने प्रदर्शन भी किया।
खोकन सांतरा नामक एक स्थानीय युवक ने दावा किया कि वह काम के सिलसिले में हावड़ा में रहता है और मतदान के लिए घर लौटा था। उसके अनुसार, कुछ समझने से पहले ही केंद्रीय बल के जवानों ने उसकी पिटाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना में चार लोग घायल हुए, जिनका इलाज नंदीग्राम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कराया गया।
चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि 210-नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के खिलाफ अत्यधिक आपराधिक बल प्रयोग, धमकी और मारपीट की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी का आरोप है कि बिना किसी उकसावे के आम लोगों पर हमला किया गया।
तृणमूल ने घायल लोगों की तस्वीरें भी सबूत के तौर पर आयोग को सौंपी हैं। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अनैतिक है, बल्कि कानून के भी खिलाफ है। जिन बलों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने की जिम्मेदारी है, उनसे इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
केंद्रीय गृह मंत्रालय का उल्लेख करते हुए तृणमूल ने कहा कि सीआरपीएफ गृह मंत्रालय के अधीन आती है और भाजपा उसका दुरुपयोग कर रही है।
पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि सीआरपीएफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, आरोपित जवानों को निलंबित किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।












