अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि इस हफ्ते के आखिर तक अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता शुरू हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बातचीत में कोई अड़चन नहीं है। इस बीच ईरान ने दावा किया कि अमेरिका झूठ बोल रहा है। अभी तक दूसरे दौर की वार्ता पर कोई सहमति नहीं बनी है।
दरअसल, लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिन के युद्धविराम के बाद ने ट्रंप ने दावा किया कि आने वाले कुछ दिनों में युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने का एक समझौता हो जाएगा। ईरान से संवर्धित यूरेनियम अमेरिका हटाएगा।
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बाद में एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हम ईरान पर हमला करके बड़ी संख्या में खुदाई करने वाली मशीनों से इसे (संवर्धित यूरेनियम) हासिल करेंगे। बहुत जल्द ही इसे अमेरिका वापस लाया जाएगा। एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि सप्ताहांत में बैठक होने की संभावना है। मुझे लगता है कि अगले एक-दो दिनों में समझौता हो जाएगा।
अन्य मीडिया हाउस से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरानी मिलना चाहते हैं। ईरान के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। अब कोई अड़चन नहीं है। हम समझौते के बेहद करीब हैं। यह सबके लिए अच्छा होगा।
ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने ट्रंप के दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक घंटे में सात अलग-अलग दावे किए हैं। ये सभी दावे झूठे हैं। अमेरिका ने इन झूठों से युद्ध नहीं जीता। निश्चित रूप से उन्हें बातचीत में भी कोई सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी तो वह रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा बंद कर देंगे। गालिबफ के बयान के कुछ समय बाद ही आईआरजीसी ने दोबारा होर्मुज का कंट्रोल अपने हाथ में लिया।
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अमेरिका की निगाह ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर है। माना जा रहा है कि ईरान के पास 400 किलो संवर्धित यूरेनियम है। यह 60 फीसद तक संवर्धित है। ट्रंप ने दावा किया कि मशीनों से खुदाई करके संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका लाया जाएगा। हालांकि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को कहीं भी नहीं ले जाया जाएगा।
इस बीच तुर्की पहुंचे ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि पहले दौर वार्ता विफल होने के बाद दूसरे दौर की बातचीत की कोई तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक रुपरेखा पर हम सहमत नहीं हो जाते हैं तब तक हम तारीख तय नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अब हम दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ के ढांचे को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित करने में जुटे हैं। हम किसी भी ऐसी बातचीत या बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे जो विफलता की वजह से हो रही हो और तनाव के एक और दौर को बढ़ाने का बहाना बने।












