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60 की उम्र से पहले दिल का दौरा पड़ने से बचना चाहते हैं?

दिल के दौरे से कैसे बचें: पूरी दुनिया में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही है, जिसमें हार्ट अटैक मौत का सबसे बड़ा कारण है। खासतौर से युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर आप अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं और 60 साल तक ऐसी बीमारियों से बचे रहना चाहते हैं तो डॉक्टर की बताई इन 10 बातों को जरूर अपना लें। इससे हार्ट अटैक के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। 
इंस्टाग्राम पर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर इवान लेविन ने दस ऐसे असरदार उपायों के बारे में बताया है जि 60 साल से पहले आने वाले हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं। 

हार्ट अटैक से कैसे बचें?
धूम्रपान और कोकीन से दूर रहें- डॉक्टर इवान के मुताबिक धूम्रपान हार्ट डिजीज के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। दिल को स्वस्थ रखना है तो कभी भी धूम्रपान न करें और न ही कभी कोकीन का सेवन करें। इससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है और ब्लड प्रेशर बढ़ता है। जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाते हैं। कोकीन खतरनाक हृदय संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है।

मीठे ड्रिंक और फास्ट फूड- आपको सोडा जैसे ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक से बचना चाहिए। सेहतमंद रहने के लिए फास्ट फूड से परहेज करें। खासतौर से प्रोसेस्ड फूड, अनहेल्दी फैट, नमक और चीनी वाली चीजें मोटापा, डायबिटीज और हार्ट की बीमारियां पैदा करते हैं।

रोजाना एक्सरसाइज करें- व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए ये बहुत जरूरी है। रोज 30 मिनट तक व्यायाम करने से हार्ट की बीमारियों का खतरा कम होता है। इसमें आप कार्डियोवस्कुलर और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे बीपी में सुधार होगा और वजन कम होगा, हार्ट की मांसपेशियां मजबूत होंगी।

कोरोनरी धमनी कैल्शियम स्कैन- सबसे जरूरी है कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम (सीएसी) स्कैन करवाना, ये एक ऐसा टेस्ट है जो हार्ट में ब्लड सप्लाई करने वाली धमनियों में कैल्शियम जमाव का पता लगाता है। 40 साल से कम उम्र के लोग जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, लाइपोप्रोटीन (ए) भी हाई है या हार्ट अटैक की फैमिली हिस्ट्री रही है उन्हें डॉक्टर से इस टेस्ट के बारे में बात करनी चाहिए।

स्ट्रेस मैनेजमेंट- लंबे समय तक तनाव में रहने से हार्ट पर नकारात्मक असर होता है। इसलिए नौकरी और रिश्तों से जुड़े तनाव को दूर करें और उनका समाधान निकालें। तनाव को हमेशा के लिए दूर नहीं किया जा सकता लेकिन व्यायाम, ध्यान, अपने शौक या रिलेक्स करने पर ध्यान दें जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नज़रअंदाज़ न करें- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को ठीक से कंट्रोल करना जरूरी है। क्योंकि ये दोनों बीमारी दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ाती हैं। इसलिए इन दोनों बीमारियों को काबू में रखें।

वजन कम करें- मोटाप कम करने से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। खासतौर से पेट के आसपास की चर्बी को कम किया जाना जरूरी है। पेट के आसपास फैट बढ़ना मेटाबोलिक सिंड्रोम से जुड़ा हो सकता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हाई ट्राइग्लिसराइड्स, फैटी लिवर और डिसलिपिडेमिया का खतरा बढ़ता है। लेकिन पेट की चर्बी दिल की बामारियों के खतरे को बढ़ाती है।

शराब से दूर रहें- आपको शराब से दूर रहना चाहिए। अगर नहीं रह सकते तो इसकी मात्रा सीमित कर दें। ज्यादा शराब पीने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ती है।

स्कैनिंग है जरूरी- कई लोगों को लगता है कि दिल का दौरा अचानक पड़ता है। लेकिन हार्ट से जुड़ी बीमारी विकसित होने में अक्सर कई साल लग जाते हैं। डॉक्टर लेविन की सिफारिशें स्वस्थ आदतें अपनाने, जोखिम कारकों को नियंत्रित करने और जहां जरूरी हो सही जांच करना पर जोर देती हैं। जिससे आप हार्ट अटैक से बच सकें।

सही डॉक्टर की सलाह- दिल को स्वस्थ रखने के लिए सही डॉक्टर की सलाह जरूरी है। आपको किसी अच्छे हार्ट स्पेशलिस्ट से अपनी परेशानी या बचान के तरीकों के बारे में बात करनी चाहिए। किसी भी डॉक्टर की सलाह इसमें फायदेमंद साबित नहीं होगी।

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