सिद्धार्थनगर जिले के खुनियाव विकास खंड के मैनिहवा और धोबहा गौरडीह गांवों में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पानी की टंकी का निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद, उसे सरकारी अभिलेखों में पूरी तरह बहाल और संचालित दिखा दिया गया है। गांव के निवासी अकबर हुसैन, इब्राहीम, रहीस, संतराम, सुखराम, सद्दाम, नौसाद, शाह आलम और रहमान ने इस पर तीखे सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब धरातल पर पानी की टंकी का ढांचा ही अधूरा है, तो किस आधार पर इस योजना को फाइलों में सफल घोषित किया गया? ग्रामीणों ने इसे विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही बताया है। इस गंभीर मामले पर खुनियाव के खंड विकास अधिकारी (BDO) महंथ शुक्ला ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कागजों और धरातल की स्थिति में अंतर की जांच कराई जाएगी। BDO शुक्ला ने आगे कहा कि यदि निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद कागजों में इसे पूर्ण दिखाया गया है, तो संबंधित सचिव और कार्यदायी संस्था से जवाब-तलब किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस गड़बड़ी से नाराज मैनिहवा और धोबहा गौरडीह के निवासियों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
खुनियाव में अधूरी पड़ी पानी की टंकी:ग्रामीणों ने उठाए सवाल, BDO ने दिए जांच के आदेश
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