श्रावस्ती में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और स्माइल ट्रेन के संयुक्त तत्वावधान में कटे होंठ एवं तालु से पीड़ित बच्चों के लिए एक निशुल्क पंजीकरण एवं जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 75 बच्चों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 55 को ऑपरेशन के लिए चुना गया। इनमें से 45 बच्चों को तत्काल लखनऊ स्थित सिप्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल भेजा गया है। यहां उनका निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा और रहने-खाने की व्यवस्था भी प्रदान की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की गहन जांच की और उन्हें उपचार के लिए चयनित किया। इस शिविर का उद्देश्य गरीब एवं असहाय परिवारों के बच्चों को गंभीर जन्मजात बीमारियों से राहत दिलाना है। डॉ. विनय श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाता है, जिससे बच्चों को सामान्य जीवन मिल सके। नोडल अधिकारी डॉ. उदय नाथ ने जानकारी दी कि आरबीएसके के तहत कटे होंठ-तालु के अतिरिक्त जन्मजात हृदय रोग, कम सुनाई देना और क्लब फुट जैसी 42 प्रकार की बीमारियों का मुफ्त इलाज डीईआईसी सेंटरों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। सिप्स अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन एवं स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. रितेश पुरवार ने ऑपरेशन के लिए आवश्यक मानदंडों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कटे होंठ के ऑपरेशन के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 4 से 6 माह और वजन 5 किलोग्राम होना जरूरी है। वहीं, कटे तालु के ऑपरेशन के लिए बच्चे की उम्र 9 से 12 माह और न्यूनतम वजन 7 किलोग्राम होना चाहिए। प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद आमीन खान ने बताया कि यदि किसी बच्चे का पहले ऑपरेशन हो चुका है और परिवार परिणाम से संतुष्ट नहीं है, तो ऐसे बच्चे भी पुनः निशुल्क सुधारात्मक सर्जरी के लिए संपर्क कर सकते हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक राकेश गुप्ता ने आरबीएसके के उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. विजय भारत, डॉ. शुगुकता शाहीन, डॉ. कमर और डॉ. आबिद उजेफा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
श्रावस्ती में कटे होंठ-तालु शिविर में 75 बच्चे रजिस्टर्ड:55 बच्चों का लखनऊ में होगा मुफ्त आपॅरेशन, 42 बीमारियों का होगा इलाज
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