मिर्जापुर। जिले के रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में बुधवार रात करीब 8 बजे हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ट्रक, स्विफ्ट डिजायर कार, बोलेरो और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घाटी में गिट्टी लदा ट्रेलर उतर रहा था, उसके पीछे स्विफ्ट कार, फिर दाल से लदा ट्रक और सबसे पीछे बोलेरो चल रही थी। अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे उसने आगे चल रही कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार ट्रेलर से जा भिड़ी और पीछे से आ रही बोलेरो भी ट्रक से टकरा गई।
भीषण टक्कर के बाद बोलेरो और कार में आग लग गई। देखते ही देखते बोलेरो आग का गोला बन गई, जिसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि किसी को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला।
हादसे में बोलेरो सवार दो महिलाओं, दो बच्चों समेत कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं स्विफ्ट कार चालक जय प्रकाश (26) निवासी सोनभद्र की भी जान चली गई। ट्रक चालक और खलासी ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 11 बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही ड्रमंडगंज, हलिया समेत कई थानों की पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रथम दृष्टया ट्रक का ब्रेक फेल होना मुख्य वजह माना जा रहा है।
प्रशासन हरकत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। उनका आरोप है कि ड्रमंडगंज घाटी का खतरनाक मोड़ पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए बदनाम है, लेकिन इसके सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।












