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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 7 साल की सजा:सिद्धार्थनगर में अदालत ने 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया


सिद्धार्थनगर के बांसी थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के एक पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला गुरुवार, 23 अप्रैल को एएसजे/स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार ने सुनाया। घटना वर्ष 2013 की है। बांसी थाना क्षेत्र के मधवापुर काजी निवासी इरफान पुत्र इद्रीश के खिलाफ एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था, जिसके बाद से यह मामला विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का गहन परीक्षण करने के बाद, अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि नाबालिग के साथ किया गया यह अपराध गंभीर श्रेणी में आता है, जिसके लिए कठोर दंड आवश्यक है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण), 366 (अपहरण, विवाह के लिए मजबूर करना) और 376 (दुष्कर्म) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया। उसे सात वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की, जिससे साक्ष्यों को मजबूत तरीके से अदालत के सामने प्रस्तुत किया जा सका। लंबे समय से लंबित इस मामले में आए इस फैसले को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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