हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने साल 2024 के आंकड़े जारी किए है। इन आंकड़ों के मुताबिक, देश में 2023 की तुलना में क्राइम रेट 2024 में कम रहा और एक साल में कुल 35.44 लाख आपराधिक घटनाएं हुईं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रेप के मामलों में थोड़ी कमी आई लेकिन हर दिन औसतन रेप के 107 दर्ज हुए। हैरानी की बात है कि इसमें से सिर्फ 24 प्रतिशत मामलों में ही सजा दिलाई जा सकी।
2023 में जहां 37.63 लाख आपराधिक मामले दर्ज हुए थे और 72.7 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दर्ज की गई थी। वहीं, 2024 में कुल 35.44 लाख मामले दर्ज हुए और 72.1 मामलों में चार्जशीट दर्ज की गई। साल 2024 में हत्या के मामलों में 2.4 पर्सेंट की कमी हुई और अपहरण के मामलों में 15.4 प्रतिशत की कमी देखी गई। NCRB के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में हत्या के 43,973 मामलों में जांच हुई और 22,963 मामलों में जांच की गई। चार्जशीट की दर 84.7 प्रतिशत है क्योंकि इसकी गणना कुल चार्जशीट किए गए केस और पुलिस की ओर से डिस्पोज किए गए केस की संख्या के हिसाब से की जाती है।
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रेप जैसे मामलों में बहुत कम लोगों को मिली सजा
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में रेप के कुल 39274 केस में जांच की गई लेकिन 24,614 केस में ही चार्जशीट दर्ज हुई। कुल 5032 केस में ही दोषी पाए गए। यानी लगभग 20 हजार केस में ट्रायल पूरा हुआ और दोषी पाए जाने की दर 24.4 प्रतिशत हैं। इसका मतलब है कि रेप के मामलों में लगभग 75 प्रतिशत आरोपी छूट गए।
इसी तरह अपहरण के मामलों में दोषी करार दिए जाने की दर 26.8 प्रतिशत और गंभीर हमलों के मामले में दोषी पाए जाने की दर सिर्फ 29.6 प्रतिशत रही। हत्या के 43.8 प्रतिशत मामलों में ही दोष सिद्ध हुआ और दंगों के 19.7 पर्सेंट मामलों में दोष साबित हुआ।
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राज्यों में क्या है हाल?
रेप से जुड़ी आईपीसी की धारा 376 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 से धारा 71 तक के तहत दर्ज हुए कुल केस के मामले में सबसे बुरा हाल राजस्थान का रहा। रादस्थान में एक साल में रेप के कुल 4871 मामले सामने आए और कुल 4888 महिलाओं ने रेप की शिकायत दर्ज कराई। देश की राजधानी दिल्ली में रेप के 1058 मामले सामने आए यानी औसतन हर दिन तीन केस सामने आए। सबसे कम सिर्फ 7 मामले सिक्किम में सामने आए।
पश्चिम बंगाल में रेप के 1118 केस, यूपी में 3209 केस, महाराष्ट्र में 3091, मध्य प्रदेश में 3061 और हरियाणा में रेप के 1391 केस सामने आए।












