लखनऊ। लखीमपुर खीरी के नौरंगाबाद स्थित गंगोत्री नगर में नीट परीक्षार्थी रितिक मिश्रा का शव फंदे से लटका मिलने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। घटना के बाद शुक्रवार को आप यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निदेर्शानुसार अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान आप यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने फोन पर रितिक के चाचा अनूप मिश्रा से बात कर परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और न्याय के संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। संजय सिंह ने रितिक की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी के बारे में जानकारी ली, जिस पर परिजनों ने बताया कि रितिक इससे पहले दो बार परीक्षा दे चुका था और इस बार उसका पेपर काफी अच्छा हुआ था। उसे अपने चयन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन लगातार सामने आ रही पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया।
संजय सिंह ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह केवल एक छात्र की मौत नहीं बल्कि भ्रष्ट और असंवेदनशील परीक्षा व्यवस्था की विफलता है, जिसने एक होनहार युवा का भविष्य छीन लिया। पीड़ित परिवार ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि रितिक पिछले कई दिनों से बेहद परेशान और मानसिक दबाव में था। लगातार सामने आ रही पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों ने उसे अंदर तक तोड़ दिया था। परिवार ने कहा कि एक होनहार छात्र ने अपने सपनों के साथ-साथ अपने माता-पिता की पूरी दुनिया भी खो दी। मां-बाप ने अपना इकलौता बेटा खो दिया, लेकिन सरकार अब भी अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।
इस मौके पर अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि यह केवल एक छात्र की मौत नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर लगा हुआ सबसे बड़ा कलंक है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार हर बार केवल जांच और बयानबाजी तक सीमित रह जाती है। उन्होंने कहा कि जब मेहनती छात्र दिन-रात पढ़ाई करके अपने भविष्य के सपने देख रहे होते हैं, उसी समय सत्ता संरक्षित माफिया पैसे के बल पर पूरी परीक्षा प्रणाली को बेच देते हैं। यह सीधा-सीधा युवाओं के भविष्य की हत्या है और रितिक मिश्रा उसी भ्रष्ट तंत्र का शिकार हुआ है।
पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार की विफलता अब केवल प्रशासनिक नाकामी नहीं रह गई है, बल्कि यह युवाओं की जिंदगी पर हमला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं ने लाखों छात्रों को मानसिक अवसाद और असुरक्षा की स्थिति में धकेल दिया है।












