HomeHealth & Fitnessलोहिया संस्थान में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर हुई एलुमनाई मीट

लोहिया संस्थान में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर हुई एलुमनाई मीट

— उच्च रक्तचाप किसी लक्षण के सालों तक शरीर को नुकसान पहुंचाता : प्रो भुवन 

लखनऊ। उच्च रक्तचाप आज समाज में तेजी से बढ़ती हुई “ साइलेंट किलर ” बीमारी है,जो हार्ट अटैक,स्ट्रोक एवं किडनी रोगों का प्रमुख कारण बन रही है। ये बातें प्रो सीएम सिंह ने कही। शनिवार को डॉ० राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के कार्डियोलॉजी विभाग की ओर से विश्व उच्च रक्तचाप दिवस एवं प्रथम एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। इसमें में दो सौ से अधिक फैकल्टी सदस्य,चिकित्सक,रेजिडेंट डॉक्टर,विद्यार्थी,स्वास्थ्यकर्मी,एलुमनाई एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रत्येक प्रतिभागी के लिए अपना ब्लड प्रेशर  मापना अनिवार्य किया गया था। प्रतिभागियों की बीपी रीडिंग ही कार्यक्रम में प्रवेश का “ टिकट ” बनी। इस अनूठी पहल के माध्यम से समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया। प्रो सीएम सिंह,नियमित बीपी जांच,स्वस्थ जीवनशैली एवं समय पर उपचार से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस अभिनव जागरूकता अभियान की सराहना की।
प्रो मुकुल मिश्रा ने विभाग की यात्रा को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2011 में विभाग की शुरुआत हुई थी तथा वर्ष 2013 में केवल एक डीएम कार्डियोलॉजी छात्र के साथ शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ था। आज विभाग के 23 एलुमनाई देश के विभिन्न संस्थानों में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं, जो विभाग के लिए गर्व का विषय है।
डीन प्रो० प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि उच्च रक्तचाप की रोकथाम ही हृदय रोगों की रोकथाम की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने युवाओं एवं चिकित्सकों से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। प्रो भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि उच्च रक्तचाप अक्सर बिना किसी लक्षण के वर्षों तक शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है,इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने ब्लड प्रेशर की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कम नमक का सेवन,नियमित व्यायाम,तनाव नियंत्रण एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच हृदय रोगों की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

 
 
 
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