जमुई पंडित में अवैध कब्जेदारों को अल्टीमेटम
रिपोर्ट:गजेंद्र कुमार गुप्त।
महराजगंज (निचलौल)।
तहसील क्षेत्र के जमुई पंडित गांव में स्थित पौराणिक सरोवर और बेशकीमती सरकारी भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। उप जिलाधिकारी (SDM) सिद्धार्थ कुमार गुप्त के कड़े रुख के बाद रविवार को छुट्टी के दिन भी प्रशासनिक अमला जमीन पर मुस्तैद दिखा, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।
SDM का त्वरित एक्शन, संडे को भी थमा अल्टीमेटम।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM सिद्धार्थ गुप्ता ने त्वरित संज्ञान लिया और बिना समय गंवाए क्षेत्रीय लेखपाल चंदन कुमार को तत्काल मौके पर जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर यहाँ साफ देखने को मिला, जब लेखपाल चंदन कुमार ने रविवार की छुट्टी की परवाह न करते हुए जमुई पंडित गांव का रुख किया। उन्होंने मौके पर जाकर अवैध रूप से डाली गई झोपड़ियों और कब्जों का भौतिक सत्यापन किया और अतिक्रमणकारियों को दो दिन के भीतर स्वतः कब्जा हटाने की अंतिम चेतावनी (अल्टीमेटम) दे दी।



जनप्रतिनिधि मौन, जनभावनाएं आहत
यह पूरा विवाद न्याय पंचायत जमुई पंडित के दोनों टोलों के बीच स्थित एक ऐतिहासिक सरोवर से जुड़ा है। वर्तमान में कमल के फूलों से सुशोभित यह सरोवर, छठ घाट और सनातन आस्था के केंद्र प्राचीन बरगद व पीपल के वृक्षों से घिरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहाँ एक तरफ इस सार्वजनिक भूमि पर बच्चों के खेल का मैदान, स्वास्थ्य उप-केंद्र और अन्नपूर्णा भवन जैसी सरकारी योजनाएं आनी थीं, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने ‘वोट बैंक’ को बचाने के चक्कर में इस अवैध कब्जे पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
प्रशासन की चेतावनी: नहीं हटा कब्जा, तो चलेगा बुलडोजर
मौके पर पहुंचे लेखपाल चंदन कुमार ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि दो दिन के भीतर अतिक्रमणकारियों ने अपनी झोपड़ियां नहीं हटाईं, तो प्रशासन भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ सख्त विधिक कार्रवाई करेगा। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की इस त्वरित और ईमानदार सक्रियता की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।












