सिद्धार्थनगर के खुनियाँव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत ग्राम बडहरा खात में सोमवार को ‘हाई रिस्क 100 दिवसीय टीबी अभियान’ के तहत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें नि:शुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना था। शिविर का आयोजन सीएचसी खुनियाँव के अधीक्षक डॉ. पी. एन. यादव के निर्देशन में तथा ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद त्रिपाठी और ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक महेंद्र कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। मोबाइल हेल्थ टीम ने कुल 102 लोगों की स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान टीबी से संबंधित लक्षण वाले लोगों की विशेष स्क्रीनिंग की गई। आवश्यकतानुसार एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांचों की व्यवस्था भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गई ताकि संदिग्ध मरीजों की पुष्टि की जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना और कमजोरी महसूस होना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की सलाह दी गई। अभियान में आशा संगिनी सुनीता, आशा कार्यकर्ता शैलेश, एएनएम अर्चना, सीएचओ विशेष, एसटीएलएस सुजला और एक्स-रे टेक्नीशियन जय सिंह सहित मोबाइल हेल्थ टीम के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है और सरकार द्वारा इसकी जांच एवं दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। शिविर के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और नियमित रूप से दवा का सेवन करने के लिए भी प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस 100 दिवसीय टीबी अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी मुक्त समाज का निर्माण करना और प्रत्येक संभावित मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
सिद्धार्थनगर में टीबी अभियान के तहत बडहरा खात में शिविर:हाई रिस्क 100 दिवसीय कार्यक्रम में 102 लोगों की जांच
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