बिजनौर। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों से हाईटेंशन लाइनें हटाई जा चुकी हैं तथा जहां कार्य अभी लंबित है, उनकी पृथक सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए ताकि नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा की जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों के मुख्य द्वार अथवा परिसर के आसपास ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, वहां सुरक्षा की दृष्टि से ट्रांसफार्मरों के चारों ओर बैरिकेडिंग अथवा बाउंड्रीवाल बनाई जाए, जिससे बच्चों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा दुर्घटनाओं की आशंका समाप्त हो।
डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जब तक हाईटेंशन लाइनें पूरी तरह नहीं हटाई जातीं, तब तक संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विशेष सतर्कता बरतने और बच्चों को संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रखने के निर्देश दिए जाएं।
उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि जहां विद्युत लाइन या पोल हटाने में किसी प्रकार का विवाद अथवा अवरोध सामने आए, वहां स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से तत्काल समाधान कराया जाए ताकि सुरक्षा संबंधी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें। साथ ही हाईटेंशन लाइनों से होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावित पात्र पीड़ितों को मुआवजा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना सहित विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।












