बहराइच के चरदा स्थित जमोग बाजार में दसवीं मोहर्रम का ताजियों का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। ‘या हुसैन’ की सदाओं और मातमी नारों के बीच यह जुलूस जमोग बाजार से शुरू होकर कर्बला शरीफ तकिया पहुंचा। कर्बला शरीफ तकिया में इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीद साथियों की याद में अकीदत पेश की गई। इस दौरान चरदा, कल्याणपुर, गणेशपुर, कालियापुरवा, लखैया, संकल्प, खैरानिया, बारवलिया समेत आसपास के कई गांवों से ताजियां यहां पहुंचीं। इस कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे का प्रदर्शन किया। समाजसेवी फैयाज़ अली ने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश सत्य, न्याय और इंसानियत के लिए हर दौर में प्रेरणादायक है। समाजसेवी खुर्शीद अहमद ने बताया कि कर्बला का वाकया अन्याय के खिलाफ खड़े होने और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देता है। समाजसेवी गौरव जायसवाल उर्फ गोरू भैया ने मोहर्रम पर्व को आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेशवाहक बताया। समाजसेवी फारूक अहमद ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को पूरी मानवता के लिए मिसाल बताते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने को सच्ची श्रद्धांजलि कहा। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की कड़ी निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दसवीं मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण निकला:जमोग बाजार में निकला ताजियों का जुलूस, पुलिस बल तैनात
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