रायबरेली : कहने को तो सरकार पारदर्शी व्यवस्था का दम भरती है, लेकिन रायबरेली में शराब के शौकीनों की जेब पर सरेआम ‘डाका’ डाला जा रहा है। जिले में आबकारी विभाग और शराब माफियाओं के बीच ऐसी ‘जुगलबंदी’ बैठी है कि यहाँ बोतल पर लिखी कीमत (MRP) महज एक दिखावा बनकर रह गई है। ताजा मामला सिविल लाइन स्थित मॉडल शॉप का है, जहाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
₹10 का ‘टैक्स’: न रसीद, न कायदा
शहर के पॉश इलाके सिविल लाइन स्थित मॉडल शॉप पर इन दिनों शराब की कीमतें ‘आसमान’ छू रही हैं। ग्राहकों का आरोप है कि हर बोतल पर 10 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। जब कोई जागरूक ग्राहक इसका विरोध करता है, तो दुकानदार के पास बहानों की लंबी फेहरिस्त होती है। कभी ‘दाम बढ़ गए हैं’ का राग अलापा जाता है, तो कभी पुराने स्टॉक को ही नए बढ़े हुए दामों पर थमा दिया जाता है।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दुकानदार और ग्राहक के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है। ग्राहक चिल्ला-चिल्लाकर पूछ रहा है कि आखिर अतिरिक्त पैसे क्यों? लेकिन दुकानदार बेखौफ होकर ‘ऊपर’ तक हिस्सा पहुंचाने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहा है।
साहब… क्या आपको खबर नहीं?
जिले में हर गली-नुक्कड़ पर शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग का खेल कोई नया नहीं है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या आबकारी विभाग के ‘साहबों’ को इस लूट की भनक नहीं है? या फिर इस ‘बहती गंगा’ में विभाग भी अपने हाथ धो रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ‘सुरा प्रेमियों’ की जेब इसी तरह ढीली होती रहेगी।
अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूटती है या फिर रायबरेली में ‘ओवर रेटिंग का सिंडिकेट’ यूँ ही फलता-फूलता रहेगा।
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