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AIMIM नदीम कुरैशी ने सौंपी कमान, रईस अहमद बोले- दबे-कुचलों की लड़ाई लड़ूंगा

बदायूं। मंगलवार को एआईएमआईएम के उत्तर प्रदेश महासचिव और बदायूं प्रभारी नदीम कुरैशी ने एडवोकेट रईस अहमद के आवास पर नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति पर बड़ा सियासी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यूपी में अब मुसलमानों के पास बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के रूप में मजबूत विकल्प है और पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।

रईस अहमद को सौंपी जिम्मेदारी, संगठन को करेंगे मजबूत 

नदीम कुरैशी ने बताया कि शहर के मोहल्ला सोथा के रहने वाले एडवोकेट रईस अहमद को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। उम्मीद है कि वह संगठन को मजबूत करेंगे और अच्छे लोगों को पार्टी से जोड़ेंगे।

अब बाप-दादा वाला दौर नहीं चलेगा

नदीम कुरैशी ने कहा कि अब तक जो हमारे बाप-दादा करते चले आए, वो अब यहां की आवाम बिल्कुल नहीं करेगी। पहले हमारे पास विकल्प के नाम पर कुछ नहीं था, लेकिन आज विकल्प के नाम पर हमारे पास बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी हैं, एआईएमआईएम पार्टी है।

हैदराबाद मॉडल का दिया हवाला

काम के मॉडल पर नदीम कुरैशी ने हैदराबाद का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां बैरिस्टर ओवैसी साहब की यूनिवर्सिटियां हैं। अकबरुद्दीन ओवैसी साहब के स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा बच्चे फ्री पढ़ाई कर रहे हैं। तमाम सुविधाएं वहां की आवाम को मिल रही हैं, सिर्फ मुसलमानों को नहीं।

2027 चुनाव की तैयारी, गठबंधन पर बात जारी
  
नदीम कुरैशी बताया कि एआईएमआईएम यूपी में 2027 के चुनाव मजबूती से लड़ने की तैयारी कर रही है। शीर्ष नेतृत्व की समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी से गठबंधन पर बात चल रही है। अगर अलायंस होता है तो सीटें नेतृत्व तय करेगा, लेकिन हम चुनाव लड़ने को तैयार हैं।

सपा पर सीधा हमला: मुस्लिम लीडरशिप खत्म की

नदीम कुरैशी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, 1992 से लेकर अब तक सपा ने मुसलमानों की लीडरशिप खत्म करने का काम किया है। बदायूं में सलीम शेरवानी साहब पांच बार एमपी थे, आज सपा मुखिया के परिवार के लोग एमपी हैं। उन्होंने कहा कि आजम खान के लिए सपा आवाज नहीं उठा रही। जब वो अपने फाउंडर मेंबर के लिए नहीं बोल सकती तो आम मुसलमान के लिए क्या बोलेगी?

प्रताड़ित के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है एआईएमआईएम

नदीम कुरैशी ने कहा कि अगर किसी को प्रताड़ित किया जाता है, ज्यादती होती है तो मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन हमेशा उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और खड़ी रहेगी।

पद संभालाते ही की रणनीति साफ

एआईएमआईएम के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष एडवोकेट रईस अहमद ने पद संभालते ही बड़े मुद्दों पर अपनी रणनीति साफ कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है और अब उनका मकसद दबे-कुचले लोगों की आवाज बुलंद करना है।

इंसाफ की लड़ाई लड़ना मकसद

जिला अध्यक्ष चुने जाने पर रईस अहमद ने कहा कि पार्टी ने मुझे भरोसा किया है। मेरी जिम्मेदारी है कि मजबूत लोगों की आवाज नहीं, बल्कि जो दबी हुई आवाज है उसे उजागर करूं। जो लोग दबे-कुचले हैं उनकी आवाज उठाऊं और उनके लिए इंसाफ की लड़ाई लडूं। 

मुसलमान की आवाज सिर्फ बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी उठाते हैं 

अन्य पार्टियों पर सवाल उठाते हुए रईस अहमद ने कहा कि मुसलमान ने सभी पार्टियों को वोट दिया, लेकिन हमदर्द कोई नहीं है। आज की तारीख में पार्लियामेंट में मुसलमानों, दलितों, बैकवर्ड की आवाज उठाने वाला सिर्फ एक शख्स नजर आता है, वो हैं बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम भले अभी सत्ता में नहीं है लेकिन संघर्ष जारी है। 

जल्द घोषित होगी मजबूत टीम

संगठन विस्तार पर उन्होंने कहा कि टीम तैयार करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। अच्छे और जागरूक लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा हूं। जो मेहनत से काम करने वाले हों, सिर्फ नाम के लिए नहीं। जिनके दिलों में जनता का दर्द हो, जज्बा हो। जल्दी ही टीम की घोषणा करूंगा।

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