लखनऊ। हरदोई जिले के टडियांवा ब्लॉक इलाके में मौजूद एक प्राइमरी स्कूल में नाबालिग छात्रों से कराई जा रही बाल मजदूरी की शिकायत करना भारी पड़ गया। आरोप है कि सहायक अध्यापक को बीएसए कार्यालय बुलाकर बीएसए ने धमकाया। शिक्षक का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी के कहने पर वह दोबारा बीएसए कार्यालय गए थे। आरोप है कि उनसे मोबाइल से वीडियो डिलीट करने को कहा गया। मना करने पर उनसे मोबाईल छीनने का प्रयास किया गया। विरोध पर मारपीट भी की गई। अब इस पूरे मामले की शिकायत पीड़ित शिक्षक ने सीएम योगी सहित,प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, प्रमुख सचिव श्रम,मानवाधिकारी आयोग,डीएम हरदोई से की है।
जानकारी के मुताबिक़ मामला हरदोई के टडियांवा विकास खंड के कोटरा प्राइमरी स्कूल से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग लखनऊ के सूत्रों के मुताबिक़ पूरे मामले की शिकायत उसी स्कूल में कार्यरत सहायक अध्यापक विनोद कुमार ने की थी। नाबालिग छात्रों से ईंट उठवाने की घटना बीते दिसंबर 2025 की है। सहायक अध्यापक विनोद कुमार ने इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर इसकी शिकायत यूपी और दिल्ली बाल संरक्षण आयोग से की थी। इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार के बाल संरक्षण आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई थी। यूपी बाल संरक्षण आयोग के सदस्य सचिव प्रेम प्रकाश सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम को पात्र लिखकर पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी थी। जबकि इस मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के निदेशक वी रामननाथ रेड्डी ने भी डीएम से जवाब तलब किया था। शिक्षक का कहना है कि इस मामले में बीएसए ने उन्हें सोमवार को सबूत लेकर पेश करने को कहा था। शिक्षक का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले से जुड़े सबूत सोमवार को बीएसए कार्यालय में सौंप दिए थे। शिक्षक का आरोप है बीएसए ने इस मामले में सुलह का दबाव बनाया था। इस पर शिक्षक नहीं माना। आरोप है कि इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी अनिल झा ने उन्हें बुधवार सुबह फोन करके जानकारी दी कि बीएसए कार्यालय में उन्हें पुनः पेश होना है। आरोप है कि बुधवार को जब वह कार्यालय गए तो बीएसए ने वीडियो डिलीट करने के लिए कहा। सस्पेंड करने की धमकी दी। आरोप है कि शिक्षक विनोद कुमार के न मानने पर उनसे बीएस कार्यालय में ही मोबाईल छीनने का प्रयास किया गया। विरोध पर मारपीट की गई। शिक्षक ने आरोप लगाया है कि बीएसए,खंड शिक्षा अधिकारी मिले हुए हैं। उन्होंने मिलकर प्रधानाध्यापक की रोकी हुई तनख्वाह भी जारी कर दी।
इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी से सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं डीएम हरदोई का फोन भी व्यस्त बताता रहा।












