भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने गुरुवार को इटवा तहसील परिसर में प्रधानमंत्री के नाम एक 13 सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान संगठन ने तहसील में भ्रष्टाचार और पेट्रोल, डीजल व गैस की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भाकियू तहसील प्रभारी मोहम्मद मुनीफ के नेतृत्व में मासिक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्रीय समस्याओं पर आवाज बुलंद की गई। संगठन ने इटवा तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और ईंधन की समस्याओ पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रमुख मांगों में तहसील कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार का मुद्दा शामिल था, जिसमें पिछले वर्ष एंटी करप्शन टीम द्वारा रिश्वत लेते पकड़े गए,खतौनी के लिए मनमाने ढंग से 20 रुपये लेने और जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी की गई, ताकि आम आदमी को अनावश्यक दौड़-भाग न करनी पड़े। किसानों से संबंधित मांगों में भूमिहीन किसानों के लिए गांव में शिविर लगाकर अंत्योदय राशन कार्ड बनाना, सभी लंबित चकबंदी मामलों का शीघ्र निस्तारण करना, स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करना, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करना और बकाया गन्ना किसानों का भुगतान तत्काल करना शामिल था। सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी मांगों में सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराना, गांवों में सफाई व्यवस्था में सुधार करना और मच्छर रोधी दवा का छिड़काव कराना शामिल था। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान पूर्वांचल सचिव मोहम्मद सादिक किसान, हरिश्चंद्र चौधरी, कन्हैया लाल पटेल, इकबाल, राजमन, शुभ केवल भारती, राम निवास, सोमई, शिव प्रसाद, शब्बीर, गोपाल और मुख्तार सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाकियू टिकैत गुट ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन:इटवा में भ्रष्टाचार, पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर 13 सूत्रीय मांग पत्र
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