लखनऊ। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने एक नई पहल करते हुए अनाज भूनने वाले भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के कारीगरों के हितों को ध्यान में रख श्री अन्न कला बोर्ड के गठन पर मंथन तेज कर दिया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों को आधुनिक प्रशिक्षण, ऋण, सब्सिडी और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने बुधवार को आयोग में आयोजित समीक्षा बैठक में श्री अन्न कला बोर्ड गठित किए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा की । इसमें पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को उनके हुनर के संरक्षण के साथ खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने, आसान ऋण एवं सब्सिडी उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।
राजेश वर्मा ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गों की आयोग में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग तक पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रत्येक पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, उपाध्यक्ष सोहन लाल सहित आयोग के सदस्य मौजूद रहे।












