कैसरगंज में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान एक सरकारी कर्मचारी की बुलेट मोटरसाइकिल चोरी हो गई। तहसील कैसरगंज में तैनात संग्रह अमीन विजय शंकर बर्मा की बुलेट (संख्या: यूपी 51 बीआर 6782) 18 अप्रैल 2026 को प्रशिक्षण स्थल के बाहर से दिनदहाड़े चोरी हुई। घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरों को पकड़ने या वाहन बरामद करने में विफल रही है। विजय शंकर बर्मा दोपहर करीब 1 बजे प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद बाहर निकले तो उनकी बुलेट मोटरसाइकिल गायब मिली। बताया गया है कि बाइक पूरी तरह से हैंडल लॉक थी, लेकिन चोरों ने लॉक तोड़कर दिनदहाड़े उसे चुरा लिया। पीड़ित विजय शंकर बर्मा ने तत्काल आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई। फुटेज में एक चोर बाइक ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। यह फुटेज पुलिस को सौंप दी गई थी, लेकिन घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कैसरगंज पुलिस न तो चोरी गई बाइक बरामद कर सकी है और न ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है। इस घटना से सरकारी कर्मचारियों में असंतोष है। उनका कहना है कि यदि सरकारी ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की संपत्ति भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। स्थानीय निवासियों ने भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित विजय शंकर बर्मा ने बताया कि 72 घंटे से ऊपर हो रहे। पुलिस सिर्फ अज्ञात मुकदमा लिख कर बैठी है। पुलिस कोई तत्परता नही दिखा रही। मैं खुद सीसीटीवी फुटेज टोल टेक्स और मेडिकल स्टोर से लाकर दिया, जिसमें गाड़ी को लेकर चोर जाते हुए दिख रहा पर अफ़सोस है। कैसरगंज पुलिस क्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत हुआ है और CCTV फुटेज चेक किया। जिस रास्ते पर देखा गया है। उस रास्ते की जांच हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की सीसीटीवी फुटेज को सारे ग्रुपों में भेजे ताकि लोग पहचाने और पकड़ में आ जाए।
जनगणना ट्रेनिंग के दौरान सरकारी कर्मचारी की बुलेट चोरी:72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, CCTV फुटेज मिलने पर भी कोई कार्रवाई नही
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