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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्थित ऐतिहासिक चंदो ताल को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने इस विशाल जल निकाय को ‘रामसर साइट’ की तर्ज पर विकसित करने के लिए चिन्हित किया है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बस्ती भी विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा। इस योजना के संबंध में जानकारी देते हुए डीएफओ डॉ. सरीन सिद्दीकी ने बताया कि शासन ने चंदो ताल को विशेष श्रेणी में चिन्हित किया है। उन्होंने कहा, “शासन ने ताल के पारिस्थितिकी तंत्र और इसकी जैव विविधता के संरक्षण के लिए हमसे विस्तृत रिपोर्ट और डेटा मांगा है।” डॉ. सिद्दीकी ने आगे बताया कि उनका लक्ष्य इसे रामसर साइट के मानकों के अनुरूप तैयार करना है। इससे प्रवासी पक्षियों और स्थानीय जलचरों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर आवास सुनिश्चित किया जा सकेगा। चंदो ताल को रामसर साइट का दर्जा मिलने से इसे वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। सर्दियों में यहां साइबेरिया और मध्य एशिया से दुर्लभ प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनके लिए बेहतर इको-सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस कायाकल्प से बर्ड वाचिंग, बोटिंग और नेचर ट्रेल जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। डीएफओ के अनुसार, वन विभाग अब ताल के जल स्तर को बनाए रखने, इसे प्रदूषण मुक्त करने और किनारों पर वृक्षारोपण करने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है।
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बस्ती का चंदो ताल अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर:शासन ने रामसर साइट की तर्ज पर कायाकल्प के लिए चिह्नित किया
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