नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सिविल सेवकों से कहा है कि अधिक शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभानी चाहिए। वे मंगलवार को विज्ञान भवन में आयोजित 18वें सिविल सेवा दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाओं की प्रभावी ‘लास्ट माइल डिलीवरी’ पर जोर देते हुए कहा कि शासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाएं भले ही दिल्ली में बनती हों, लेकिन उनका वास्तविक प्रभाव तभी दिखता है जब उन्हें दूरदराज के गांवों तक सही ढंग से लागू किया जाए।
उपराष्ट्रपति ने सिविल सेवकों को ‘देश की रीढ़’ बताते हुए उनकी भूमिका को केंद्रीय बताया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सिविल सेवाओं को ‘स्टील फ्रेम आॅफ इंडिया’ कहा था और आज भी अधिकारी उसी भावना से देश की एकता और प्रशासनिक मजबूती को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी सफलता जिला स्तर पर अधिकारियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। हर जिले की अलग जरूरतों के अनुसार योजनाओं को लागू करना जरूरी है, ताकि कोई भी क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे न रहे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले दशक में उल्लेखनीय प्रगति की है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं और गरीबों के लिए आवास, बुनियादी सुविधाओं और सीमावर्ती गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
तकनीक के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं। सिविल सेवकों को नई तकनीकों को अपनाने और अपने कौशल को लगातार उन्नत करने की आवश्यकता है।
नैतिकता पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्चा नेतृत्व कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता से पहचाना जाता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे दबाव में आए बिना ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखें। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सिविल सेवक विकसित भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएं: उपराष्ट्रपति
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












