नई दिल्ली। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को कहा कि भारत और नेपाल के बीच लंबित सीमा विवाद का समाधान केवल कूटनीति, आपसी विश्वास और सकारात्मक संवाद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश खुले दिल और स्पष्ट सोच के साथ बातचीत की मेज पर बैठते हैं तो कोई भी विवाद इतना बड़ा नहीं होता कि उसका समाधान न निकाला जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेपाल की नई सरकार भारत के साथ रिश्तों को नई ऊर्जा और व्यापक सहयोग के साथ आगे बढ़ाना चाहती है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई व्यापक द्विपक्षीय वार्ता के एक दिन बाद खनाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नेपाल अब भारत को 21वीं सदी की भू-राजनीति के संकीर्ण और अति संवेदनशील नजरिए से नहीं देखता। उनकी सरकार का उद्देश्य दोनों देशों के साझा हितों, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय समृद्धि को ध्यान में रखते हुए परस्पर लाभकारी संबंधों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों पर भावनात्मक या अतिराष्ट्रवादी रुख अपनाने के बजाय तथ्य, संवाद और आपसी समझ के आधार पर समाधान तलाशना अधिक प्रभावी होगा।
खनाल ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती तकनीकी क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से उभरती आर्थिक और प्रौद्योगिकी महाशक्तियों में शामिल है तथा नेपाल इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनना चाहता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, पर्यटन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। नेपाल की प्राथमिकता अपने आर्थिक रूपांतरण के लक्ष्य को हासिल करना है और इसके लिए भारत के साथ पारदर्शी, भरोसेमंद तथा दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत बनाया जाएगा।












