श्रावस्ती जिले भर के अलग-अलग स्थानों पर में वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने वट (बरगद) वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना की। सुबह से ही गांवों, मंदिरों और पूजा स्थलों पर महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं वट वृक्ष के नीचे एकत्र हुईं। उन्होंने पूजन सामग्री अर्पित की, व्रत कथा सुनी और वट वृक्ष की परिक्रमा की। इस दौरान महिलाओं ने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। जिले के इकौना और गिलौला सहित ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। इकोना क्षेत्र स्थित सीता द्वार मंदिर में भी बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। उन्होंने माता के दर्शन-पूजन कर परिवार की खुशहाली की कामना की। वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसे पति-पत्नी के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। जगह-जगह पूजा समितियों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रावस्ती में वट सावित्री व्रत पर उमड़ी भीड़:सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए की पूजा, सीताद्वार में भी हुई पूजा अखंड सौभाग्य की कामना
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