उन्नाव। घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आबकारी, ऊर्जा, वन, मंडी, सिंचाई, खनिज, विद्युत, नगर निकाय, स्टाम्प, परिवहन सहित विभिन्न विभागों की लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप कम वसूली करने वाले विभागों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियान चलाकर शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से वन विभाग की खराब प्रगति पर उन्होंने अपर मुख्य वन अधिकारी को फटकार लगाते हुए रणनीति और कार्ययोजना बनाकर राजस्व वसूली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वाणिज्य कर, ऊर्जा, विद्युत एवं खनन विभाग की कम वसूली पर भी असंतोष जताया गया। जिलाधिकारी ने संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया कि ओवरलोड एवं अवैध खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही अब तक जारी नोटिस, दर्ज एफआईआर और सीज किए गए वाहनों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिला खनिज अधिकारी को अवैध खनन के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाने तथा राजस्व लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की राजस्व वसूली लक्ष्य से कम नहीं रहनी चाहिए और सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें।
पुराने वादों के निस्तारण पर भी जोर
बैठक में तहसील न्यायालयों में लंबित धारा 24, 34, 67 एवं 38 के वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर इनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने वाद किसी भी न्यायालय में लंबित नहीं रहने चाहिए।
इसके अलावा बड़े बकायेदारों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बकायेदारों के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों को जनसुनवाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों, अंश निर्धारण एवं कूड़ा/फाड़ जैसे विवादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए। साथ ही भू-माफियाओं के विरुद्ध कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को भी गंभीरता से लेने को कहा और सभी तहसीलों को टॉप-10 में स्थान बनाए रखने के लिए जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव, सदर, हसनगंज, पुरवा एवं बांगरमऊ के उपजिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कर वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त, अभियान चलाकर शत-प्रतिशत राजस्व वसूली के निर्देश
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