संवाददाता: गजेन्द्र गुप्ता -MNT न्यूज
महराजगंज। जनपद के निचलौल मुख्य मार्ग पर घोड़हवा के समीप प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ सड़क किनारे सालों से खड़े आम के विशालकाय सूखे पेड़ राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए ‘टाइम बम’ बने हुए हैं। व्यस्त मार्ग होने के बावजूद संबंधित विभाग किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है और राहगीर हर पल जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं।

*[खतरे की जद में राहगीर और स्कूली बच्चे]*
सिर पर मंडराता खतरा: निचलौल मुख्य मार्ग के बिल्कुल किनारे आम के दो विशालकाय पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं। इनकी जर्जर और खोखली हो चुकी टहनियां सीधे मुख्य सड़क की तरफ झुकी हुई हैं।
व्यस्त मार्ग: इस मार्ग पर चौबीसों घंटे राहगीरों, स्कूली बच्चों और भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। हल्की आंधी या तेज हवा चलने पर ये डालियां कभी भी नीचे गिर सकती हैं।
बिजली संकट और रिहायशी इलाका: सूखे पेड़ के ठीक पीछे घनी आबादी और आवासीय मकान हैं। वहीं, पेड़ों के पास से ही मुख्य बिजली की लाइनें भी गुजर रही हैं। पेड़ गिरने की स्थिति में न केवल जान-माल का भारी नुकसान होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी ठप हो जाएगी।
*[स्थानीय लोगों का आक्रोश ]*
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और नियमित यात्रियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा आरोप है कि वन विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) दोनों ही इस खतरे को जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
स्थानीय ग्रामीण का कहना है:
“यह रोड हमेशा चालू रहता है। रात-बिरात या आंधी-पानी के समय यहां से गुजरते हुए डर लगता है। पेड़ पूरी तरह खोखले हो चुके हैं। क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा देगा?”
सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखकर बरती जा रही यह लापरवाही किसी भी दिन एक बड़े हादसे में बदल सकती है। नियमतः सड़क किनारे लगे ऐसे खतरनाक और सूखे पेड़ों को चिन्हित कर हटाना वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
MNT न्यूज जनहित में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से यह मांग करता है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए और इन सूखे पेड़ों को समय रहते कटवाया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जनहानि को रोका जा सके।












