प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ में एक वर्ष से अधिक समय तक जिलाधिकारी के पद पर रहने के बाद विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी को भावभीनी विदाई दी गई। वह अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के पद पर स्थानांतरित हुये है। इस अवसर पर जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों, उद्यमियों, व्यापारियों, राइजिंग प्रतापगढ़ सोसाइटी, पत्रकार बन्धुओं ने डीएम को पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंट किए। जिलाधिकारी ने जनपद प्रतापगढ़ में 18 जनवरी 2025 को जिले का कार्यभार संभाला था।
अपनी कार्यशैली से वह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। विदाई समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतापगढ़ की यादें उनके साथ हमेशा रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जो सहयोग प्राप्त हुआ, वह अत्यंत सराहनीय और उल्लेखनीय रहा है। उन्होने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से कीर्तिमान स्थापित किये जाते है, प्रशासन में आपका काम ही आपकी पहचान को दर्शाता है। हमेशा अपने उच्च अधिकारियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें और एक टीम के रूप में कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले इस जिले में काम करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। जिलाधिकारी ने अपने कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए समस्त अधिकारियों की प्रशंसा की और कहा कि ट्रांसफर सरकारी सेवा का एक हिस्सा है। अपने विदाई संबोधन में निवर्तमान जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने सभी को शासन की मंशानुसार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी निर्देशों का पूर्ण निष्ठा से पालन किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति और पारदर्शिता बनी रही। उन्होंने इसे एक सक्षम अधिकारी के रूप में उनके भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा ने डीएम के कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे जिले के विकास के लिए उनके विजन को आगे बढ़ाएंगे। इसी प्रकार अपर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, सीओ, खण्ड विकास अधिकारी मंगरौरा सहित जनपद स्तरीय अधिकारियो व समाजसेवियों सहित ज्ञान प्रकाश शुक्ला, अतुल यादव, सन्तोष द्विवेदी आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किये।












