बांसी तहसील क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर कथित कालाबाजारी को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। विशुनपुर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सेक्टर मजिस्ट्रेट (खंड शिक्षा अधिकारी) नीरज सिंह ने अचानक पहुंचकर जांच की, जिसके बाद ईंधन का वितरण शुरू कराया गया। जांच के दौरान, पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि उनके पास लगभग 10 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है। हालांकि, इसके बावजूद लोगों को तेल नहीं मिल रहा था, जिससे पंप पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इस स्थिति को देखकर सेक्टर मजिस्ट्रेट ने नाराजगी व्यक्त की और मामले को संदिग्ध बताया। उन्होंने रात में कालाबाजारी की आशंका से इनकार नहीं किया। नीरज सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि अनियमितता पाई गई तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। उनकी सख्ती का तत्काल असर दिखा और मौके पर ही पेट्रोल-डीजल का वितरण फिर से शुरू हो गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सबसे पहले जनगणना कर्मियों, सरकारी अधिकारियों और एम्बुलेंस को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों। जानकारी के अनुसार, बांसी तहसील क्षेत्र के अधिकतर पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध होने के बावजूद कालाबाजारी की जा रही है, जिससे ईंधन का वितरण नहीं हो रहा है और पंपों पर भारी भीड़ लगी हुई है। इसी संदेह के चलते जिलाधिकारी के निर्देश पर सेक्टर मजिस्ट्रेट विभिन्न पेट्रोल पंपों पर जाकर तेल की उपलब्धता की जांच कर रहे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से आम लोगों को राहत मिली है, जबकि पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सिद्धार्थनगर में पेट्रोल पंप पर कालाबाजारी की आशंका:सेक्टर मजिस्ट्रेट की सख्ती के बाद वितरण शुरू, मौके पर जाकर जानी हकीकत
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