बरसात के मौसम में पशुओं को गलघोंटू रोग से बचाने के लिए तेजवापुर ब्लॉक क्षेत्र में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। पशुपालन विभाग की टीमों ने अब तक लगभग 3000 पशुओं का टीकाकरण किया है। इस अभियान के तहत गांवों में पशुपालकों को रोग के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश चंद्र के अनुसार, गलघोंटू एक संक्रामक जीवाणुजनित रोग है जो मुख्य रूप से गाय और भैंसों को प्रभावित करता है। बरसात और उमस के मौसम में इसका प्रकोप बढ़ जाता है। इस बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, गले और जबड़े में सूजन, सांस लेने में परेशानी तथा मुंह से अत्यधिक लार निकलना शामिल हैं। समय पर उपचार न मिलने पर पशु की स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉ. चंद्र ने बताया कि अभियान के तहत छह माह से अधिक आयु के बछड़े-बछियों और पात्र गर्भवती पशुओं का भी निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। विभागीय टीमें लगातार गांवों का दौरा कर रही हैं ताकि अधिक से अधिक पशुओं को इस बीमारी से सुरक्षित किया जा सके। पशु चिकित्सालय के कर्मचारी सुधीर मिश्रा ने जानकारी दी कि यह टीकाकरण अभियान पिछले 20 दिनों से जारी है। पिछले वर्ष ब्लॉक क्षेत्र में गलघोंटू रोग के लगभग 15 मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि किसी भी पशु में रोग के लक्षण दिखने पर तत्काल पशु चिकित्सालय से संपर्क करें और टीकाकरण अवश्य कराएं।
तेजवापुर में गलघोंटू टीकाकरण अभियान तेज:अब तक 3000 पशुओं का हुआ टीकाकरण, पशुपालक जागरूक
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