बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल से सटे जमुनिहा कारीकोट गांव के किसान कुलवीर सिंह के बेटे हरमन सिंह चीमा ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ से एमबीबीएस में टॉप किया है। उन्हें संस्थान का प्रतिष्ठित डायरेक्टर मेडल प्रदान किया गया है। हरमन ने अपनी इस उपलब्धि से साबित कर दिया है कि परिस्थितियां हौसले से बड़ी नहीं होतीं। हरमन को यह सम्मान 15 जून को लखनऊ के गोमती नगर स्थित जुपिटर सभागार में आयोजित संस्थान के तीसरे दीक्षांत समारोह में मिला। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें यह प्रतिष्ठित मेडल प्रदान किया। डायरेक्टर मेडल एमबीबीएस की तीनों प्रोफेशनल परीक्षाओं में सर्वाधिक कुल अंक प्राप्त करने वाले छात्र को दिया जाता है। उपमुख्यमंत्री ने हरमन से बातचीत कर उनका हौसला भी बढ़ाया। हरमन ने बताया कि उनका इलाका सुविधाओं के मामले में काफी पिछड़ा है। उनके गांव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) 50 किलोमीटर और जिला अस्पताल 110 किलोमीटर दूर है। बचपन से ही स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव को देखते हुए, हरमन के माता-पिता कुलवीर सिंह और रूपेंद्र कौर ने अपने इकलौते बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। कई मुश्किलों का सामना करते हुए हरमन ने इस सपने को साकार किया। हरमन ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा, “आज जो कामयाबी मिली है उसका पूरा श्रेय माता-पिता को जाता है। उन्होंने हिम्मत करके मुझे पढ़ाया-लिखाया।” इस सम्मान की खबर मिलते ही जमुनिहा गांव में खुशी का माहौल है। रिश्तेदार और स्थानीय लोग किसान पिता कुलवीर सिंह और माता रूपेंद्र कौर को बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं। यह हरमन का पहला सम्मान नहीं है। एमबीबीएस की पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें इससे पहले तीन गोल्ड मेडल भी मिल चुके हैं। ये सम्मान उन्हें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के हाथों दिए गए थे।
हरमन सिंह RML के सर्वश्रेष्ठ MBBS स्नातक बने:बहराइच के किसान बेटे ने डायरेक्टर मेडल जीता
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












