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विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डॉक्टरों पर मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने और महंगी जांचें कराने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। मरीजों का दावा है कि अस्पताल में सरकारी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें नहीं दी जातीं। मरीजों के अनुसार, उन्हें अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के लिए कहा जाता है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और दवाएं मिलने की उम्मीद से आने वाले गरीब मरीजों पर इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसके अलावा, मरीजों ने आरोप लगाया है कि एक्स-रे और खून जैसी कई आवश्यक जांचें भी अस्पताल के बाहर महंगे दामों पर कराई जाती हैं। सरोज देवी, अनीता, कमला, राम करन और गोविंद प्रसाद सहित कई मरीजों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्हें बेहतर सुविधा की उम्मीद थी, लेकिन डॉक्टर अधिकांश दवाएं बाहर से लिख देते हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से विक्रमजोत सीएचसी की व्यवस्था में सुधार कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत के अधीक्षक डॉ. अतुल सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ आवश्यक जांचें अस्पताल में संभव नहीं हैं, इसलिए उन्हें बाहर से कराना मजबूरी है। दवाओं के संबंध में उन्होंने बताया कि कुछ बीमारियों के लिए आवश्यक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें बाहर से लिखने की आवश्यकता पड़ती है।
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विक्रमजोत में डॉक्टरों पर बाहर से दवा लिखने का आरोप:सीएचसी में पहुंचे मरीजों ने कहा- अतिरिक्त बोझ पड़ता है; अधीक्षक- अस्पताल में जांच संभव नहीं
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