नई दिल्ली। UAE दुनिया का पहला ऐसा देश बनने जा रहा है, जो कि 2028 तक अपना 50% कामकाज AI के हाथों में सौप देगा। इसका मतलब है कि 50% सरकारी सेवाएं एजेंटिंक AI संभालेगा। इसका बड़ा फायदा लोगों को होगा क्योंकि एजेंटिक AI उनके सरकारी काम खुद पूरे करके देगा। ऐसा UAE 2010 से शुरू हुई डिजिटल सुधारों के तौर पर कर रहा है, जिसमें उनका लक्ष्य दुनिया की सबसे सक्षम एआई-आधारित वर्कफोर्स बनना है।
UAE सरकार आधा कामकाज सौंपेगी AI को
कैसा हो अगर किसी देश का आधा सरकारी कामकाज AI के हाथ सौंप दिया जाए? दरअसल UAE यानी कि संयुक्त अरब अमीरात इस कल्पना को हकीकत बनाने जा रहा है। UAE दुनिया का पहला ऐसा देश बनने जा रहा है, जहां 50% सरकारी कामका एजेंटिक एआई के जरिए होगा। गौर करने वाली बात है कि UAE ने ऐसा अगल 2 साल यानी कि 2028 तक करने का लक्ष्य रखा है।
इसे किसी डिजिटल अपडेट की तरह नहीं बल्कि शासन के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव के तौर पर लाया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सपर्ट इसे आधी सरकार AI के हाथ में देने जैसा भी मान रहे हैं।
क्या है एजेंटिक एआई सिस्टम?
AI से लोग राय लेते हैं या अपने सवालों के जवाब पाते हैं। वहीं एजेंटिक एआई का मतलब है एक ऐसा AI जो काम करके दे। एजेंटिक AI परफॉर्मेंस को लगातार बेहतर करने की दिशा में भी काम करते हैं। इस सिस्टम को बहुत कम इंसानी दखल की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि UAE में सरकारी दफ्तरों का काम ये AI संभाल लेंगे और रियल टाइम में काम करेंगे।
आम लोगों को इससे क्या फायदा?
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा UAE के निवासियों को होगा। फिलहाल सरकारी कामकाज का सिस्टम कुछ इस तरह है कि लोगों को अपने सरकारी काम निपटाने के लिए अलग-अलग पोर्टल्स पर फॉर्म भरने और प्रक्रियाओं को समझने में समय बिताना पड़ता है।
हालांकि एजेंटिक AI के हाथ में काम आने के बाद यह तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा। इसके बाद लोगों को सिस्टम में काम कराने का तरीका तलाशना नहीं पड़ेगा बल्कि वे सिस्टम से सीधे काम करवा पाएंगे। इससे सरकारी खर्च घटने के साथ-साथ आम जनता को बेहद तेज, सटीक और परेशानी-मुक्त सेवाएं मिलेंगी।
कैसे लागू होगी योजना?
UAE ने AI के हाथों 50% सरकारी कामकाज देने के लिए एक चरणबद्ध योजना बनाई है। इस पूरी प्रक्रिया को शेख मंसूर बिन जायद अल नाहयान की देखरेख में पूरा किया जाएगा। इसके लिए सरकार सिर्फ तकनीक नहीं कर्मचारियों को भी तैयार कर रही है। UAE अपने कर्मचारियों को सक्षम बनाने के लिए खास ट्रेनिंग दे रहा है।
UAE का यह कदम 2010 से शुरू हुई डिजिटल सुधारों की यात्रा का हिस्सा है, जिससे वे दुनिया की सबसे सक्षम एआई-आधारित वर्कफोर्स बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।












