HomeHealth & Fitnessभारत-ओमान सीईपीए लागू, कृषि और रत्न उत्पादों की पहली खेपें ओमान रवाना

भारत-ओमान सीईपीए लागू, कृषि और रत्न उत्पादों की पहली खेपें ओमान रवाना

नई दिल्ली। भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) सोमवार से लागू हो गया है। सोमवार को समझौता लागू होने पर मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से कृषि और रत्न एवं आभूषण उत्पादों की लगभग 10 खेप तरजीही दरों के तहत खाड़ी देश को भेजी गईं। दोनों देशों के बीच यह समझौता 18 दिसंबर, 2025 को मस्कट में हस्ताक्षरित किया गया था।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने यहां पत्रकारों को बताया कि यह समझौता कपड़ा, चमड़ा, प्लास्टिक, समुद्री उत्पाद, ऑटोमोबाइल, खेल के सामान और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में घरेलू निर्यातकों को फ़ायदा पहुंचाएगा, क्योंकि उन्हें प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ओमान के बाज़ार में तरजीही पहुंच मिलेगी।

भारत-ओमान सीईपीए भारतीय उद्योग, एमएसएमई, किसानों, महिलाओं और आयुष क्षेत्र सहित अन्य सभी वर्गों के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है। इसके साथ ही जीरो ड्यूटी, बढ़ता निर्यात और मजबूत होती वैश्विक साझेदारी, यही आज आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान बन रही है।

गोयल ने कहा कि भारत सरकार वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बीच आयात पर निर्भरता कम करके निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा दे रही है और ओमान के साथ प्रस्तावित एफटीए इसी नीति का हिस्सा है।

उन्होंने भारत-अमेरिका आंतरिक व्यापार समझौते पर पूछे गए सवाल के बारे में बताया कि 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2 से 4 जून के बीच अमेरिका की टीम के साथ बातचीत होगी।

गोयल ने बताया कि समझौते की औपचारिक घोषणा से पहले कुछ शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच 4 जून तक चर्चा जारी रहेगी।

ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और अपने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बंदरगाह बुनियादी ढांचे के माध्यम से व्यापक जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) बाजार के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में 11.18 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 10.61 अरब डॉलर था। अब द्विपक्षीय कारोबार दोगुना होकर 20 अरब डॉलर पार पहुंचने की उम्मीद है।

 

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