बौंडी शुक्ल निवासी भूमिहीन बरसाती लाल को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण उनके राशन कार्ड से नाम हटा दिया गया, जिससे उनके परिवार को अनाज मिलने में बाधा आ रही है। बरसाती लाल ने कुछ समय पहले कोटेदार के माध्यम से राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें कभी राशन नहीं मिला। जब उन्होंने एक कंप्यूटर की दुकान पर अपने राशन कार्ड की स्थिति ऑनलाइन जाँची, तो पता चला कि उनका नाम ‘सदस्य की मृत्यु’ का कारण बताकर हटा दिया गया है। बरसाती लाल एक भूमिहीन मजदूर हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में अब पांच सदस्य हैं: बरसाती लाल, उनकी पत्नी मीना देवी और बच्चे दीपू, रामू तथा लकी। पहले परिवार में सात सदस्य थे, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है। इन सभी सदस्यों के आधार कार्ड कोटेदार को दिए गए थे। इस संबंध में आपूर्ति निरीक्षक अमरजीत वर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने बरसाती लाल को उनसे मिलने के लिए कहा। बौंडी शुक्ल के कोटेदार राम प्रसाद के पुत्र संदीप कुमार ने बताया कि बरसाती लाल को लगभग दो साल से राशन नहीं मिला है और उन्हें उनके नाम कटने की जानकारी नहीं है। बरसाती लाल ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि वह अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि कौन सा अधिकारी उन्हें ‘जीवित’ कर पाएगा और उनकी समस्या का समाधान करेगा।
भूमिहीन बरसाती लाल को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया:बौंडी शुक्ल में राशन कार्ड से नाम हटा, परिवार को नहीं मिल रहा अनाज
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