सिद्धार्थनगर में खेती-किसानी के सीजन के दौरान डीजल और पेट्रोल की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने ईंधन वितरण व्यवस्था पर नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल बिक्री की अधिकतम सीमा तय कर दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि तय सीमा से अधिक ईंधन बेचने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जनपद में कृषि कार्यों के कारण डीजल की मांग लगातार बढ़ रही है। सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से ईंधन पहुंचाने और अव्यवस्था रोकने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था लागू की गई है। अलग-अलग वाहनों के लिए तय हुई सीमा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक— प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य खेती और जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना है। सीमा से ज्यादा बिक्री पर होगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर तय सीमा से अधिक ईंधन बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित पंप की जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता मिलने पर प्रोपराइटर और प्रबंधक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्टॉक और बिक्री पर रहेगी नजर सूत्रों के अनुसार प्रशासन अब पेट्रोल पंपों पर स्टॉक और बिक्री की निगरानी भी करेगा। जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जा सकते हैं। किसानों ने ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त आपूर्ति की मांग उठाई प्रशासन के इस फैसले के बाद पेट्रोल पंप संचालकों में हलचल तेज हो गई है। वहीं आम लोगों के बीच भी आदेश को लेकर चर्चा है। किसानों का कहना है कि खेती के मौसम में डीजल की उपलब्धता सबसे जरूरी होती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सिद्धार्थनगर में डीजल-पेट्रोल बिक्री पर सीमा तय:ट्रैक्टर को 40 लीटर, बाइक में सिर्फ 3 लीटर मिलेगा ईंधन; खेती के सीजन में बढ़ी मांग
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












