#बस्ती_न्यूज
बस्ती के कुदरहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगाई गईं लाखों-करोड़ों रुपये की आधुनिक जांच मशीनें अब मरीजों के काम नहीं आ रही हैं। रिएजेंट की कमी और तकनीकी खराबी के चलते महत्वपूर्ण जांचें प्रभावित हैं। सरकारी अस्पताल में सुविधा होने के बावजूद मरीजों को शुगर, लिवर, किडनी समेत कई जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। तीन साल पहले लगी सेलेक्ट्रा मशीन, अब रिएजेंट के इंतजार में सीएचसी में करीब तीन साल पहले स्थापित की गई सेलेक्ट्रा मशीन से मरीजों को कई जरूरी जांचों की सुविधा मिलनी थी। लेकिन रिएजेंट उपलब्ध नहीं होने के कारण मशीन अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है। इससे मरीजों को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शुगर से लेकर किडनी जांच तक प्रभावित सेलेक्ट्रा मशीन के बंद होने से शुगर, बीपी, लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) और अस्थमा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जांचें प्रभावित हो रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाने से इलाज में भी परेशानी बढ़ रही है। एटीएम हेल्थ मशीन भी लंबे समय से खराब सीएचसी में लगी एटीएम हेल्थ मशीन भी तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद पड़ी है। इस मशीन से मरीजों को त्वरित जांच सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन खराबी के चलते यह सुविधा भी ठप हो गई है। इससे सरकारी संसाधनों के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर रिएजेंट की व्यवस्था और मशीनों का रखरखाव किया जाए तो अधिकांश जांचें अस्पताल में ही हो सकती हैं। इससे मरीजों को निजी केंद्रों पर खर्च होने वाले अतिरिक्त पैसे से राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। रिएजेंट की मांग भेजी, जल्द सुधार का दावा सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी यादव ने बताया कि सेलेक्ट्रा मशीन के लिए रिएजेंट की मांग विभाग को भेजी गई है, लेकिन अभी तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसी वजह से मशीन का संचालन प्रभावित है। उन्होंने बताया कि एटीएम हेल्थ मशीन भी तकनीकी खराबी के कारण बंद है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन मशीनों के निष्क्रिय रहने से मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब जरूरत है कि विभाग जल्द से जल्द रिएजेंट उपलब्ध कराकर और खराब मशीनों की मरम्मत कराकर स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाए।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
बस्ती में करोड़ों की मशीनें बनीं शोपीस:कुदरहा सीएचसी में जांच सुविधाएं ठप, मरीज निजी पैथोलॉजी जाने को मजबूर
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












